TCS Share Price : भारतीय आईटी सेक्टर इस समय फिर से चर्चा में है। जहां इंफोसिस (Infosys) अपने बायबैक को लेकर खबरों में छाया हुआ है, वहीं दूसरी ओर निवेशकों की नजर अब देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) पर टिक गई है। ब्रोकरेज हाउस CLSA का मानना है कि इंफोसिस के बायबैक के बाद TCS पर भी ऐसा कदम उठाने का दबाव बढ़ सकता है। यही वजह है कि हाल के दिनों में TCS Share Price को लेकर बाजार में तेजी से चर्चा हो रही है।
TCS Share Price
इंफोसिस के संभावित बायबैक ने आईटी सेक्टर में एक नई बहस छेड़ दी है। CLSA का कहना है कि ग्लोबल स्तर पर डिमांड अभी कमजोर बनी हुई है, जिससे आईटी कंपनियों को निवेशकों का भरोसा बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने पड़ेंगे। ऐसे माहौल में, बायबैक जैसे कदम निवेशकों के लिए एक मजबूत संदेश देते हैं।
TCS का आखिरी बायबैक दिसंबर 2023 में पूरा हुआ था। CLSA का अनुमान है कि कंपनी Q3FY26 में स्पेशल डिविडेंड की बजाय लगभग ₹20,000 करोड़ का टेंडर ऑफर-स्टाइल बायबैक ला सकती है। यह कदम न सिर्फ निवेशकों के लिए सकारात्मक होगा बल्कि इससे TCS Share Price को भी मजबूत तकनीकी सपोर्ट मिलेगा।
TCS Share Price Target
CLSA ने TCS पर अपनी ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज ने कंपनी के शेयर के लिए ₹4,279 का टारगेट प्राइस दिया है, जो मौजूदा स्तर से लगभग 37% की बढ़त दर्शाता है। फिलहाल शेयर लगभग ₹3,119 के आसपास ट्रेड कर रहा है।
CLSA का मानना है कि मैक्रो-इकोनॉमिक अनिश्चितता के बावजूद TCS की डिमांड आउटलुक स्थिर है और कंपनी अगले वित्तीय वर्ष में बेहतर ग्रोथ दिखा सकती है। यही कारण है कि ब्रोकरेज को TCS Share Price में आने वाले महीनों में अच्छी तेजी की उम्मीद है।
TCS Share Price History
अगर हम TCS के पिछले बायबैक इतिहास पर नजर डालें तो साफ होता है कि यह कंपनी निवेशकों के भरोसे को मजबूत करने के लिए लगातार ऐसे कदम उठाती रही है। 2017 से 2023 के बीच कंपनी ने पांच बायबैक किए, जिनकी कीमत ₹16,000 करोड़ से ₹18,000 करोड़ के बीच रही।
इन बायबैक्स के दौरान हमेशा शेयर को सपोर्ट मिला है। जब भी कंपनी ने बायबैक की घोषणा की, तब से लेकर उसके पूरा होने तक TCS Share Price में स्थिरता और तेजी देखने को मिली। यह पैटर्न निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
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TCS Share Price Q1 Results
जून 2025 तक TCS के पास ₹45,285 करोड़ का कैश रिजर्व था। कंपनी आमतौर पर अपने कैश का 30-33% हिस्सा बायबैक पर खर्च करती है। इसका मतलब है कि मौजूदा आंकड़ों के आधार पर लगभग ₹13,600 से ₹15,000 करोड़ का बायबैक संभव है। CLSA का ₹20,000 करोड़ का अनुमान भी इसी हिसाब से मेल खाता है।
इतनी मजबूत वित्तीय स्थिति यह बताती है कि कंपनी बायबैक करने में सक्षम है और इसके बाद भी उसकी बैलेंस शीट पर कोई बड़ा बोझ नहीं आएगा। यही कारण है कि बाजार में TCS Share Price को लेकर सकारात्मकता बनी हुई है।
TCS Share Price Business Model
TCS का मैनेजमेंट आने वाले वर्षों में ग्रोथ को लेकर आशावादी है। कंपनी को उम्मीद है कि FY26 में अंतरराष्ट्रीय बाजारों से ज्यादा ग्रोथ आएगी। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित सॉल्यूशंस कंपनी के लिए नया रेवेन्यू ड्राइवर बन सकते हैं।
आईटी इंडस्ट्री में AI का तेजी से बढ़ता उपयोग यह दर्शाता है कि जो कंपनियां इस टेक्नोलॉजी को अपनाएंगी, उन्हें आने वाले समय में ज्यादा फायदा होगा। TCS पहले ही इस दिशा में बड़े कदम उठा चुका है। इससे यह संभावना मजबूत होती है कि आने वाले वर्षों में TCS Share Price नई ऊंचाइयों पर पहुंच सकता है।
TCS Share Price Investment
इंफोसिस के बायबैक के बाद अब निवेशकों को लग रहा है कि TCS भी जल्द ही इसी राह पर चल सकता है। अगर कंपनी बायबैक का ऐलान करती है तो यह स्टॉक के लिए बड़ा पॉजिटिव साबित होगा। इससे न केवल निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा बल्कि बाजार में शेयर की डिमांड भी बढ़ेगी।
फिलहाल निवेशकों की नजर इंफोसिस के बोर्ड मीटिंग के नतीजों पर है। अगर वहां बायबैक पर सकारात्मक फैसला आता है, तो TCS पर दबाव और बढ़ेगा कि वह भी निवेशकों के लिए कुछ बड़ा ऐलान करे।
निष्कर्ष
आईटी सेक्टर की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह साफ है कि कंपनियों को निवेशकों का विश्वास बनाए रखने के लिए आक्रामक रणनीति अपनानी होगी। TCS के पास मजबूत कैश रिजर्व, स्थिर डिमांड आउटलुक और AI जैसे नए ग्रोथ ड्राइवर मौजूद हैं। ऐसे में, बायबैक कंपनी के लिए एक स्वाभाविक कदम हो सकता है।
निवेशकों के लिए TCS Share Price इस समय आकर्षक स्तर पर है। अगर कंपनी आने वाले महीनों में बायबैक का ऐलान करती है तो यह स्टॉक नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकता है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह एक भरोसेमंद विकल्प साबित हो सकता है।




